विद्यालयों की छवि व गुणवत्ता निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण, निजी विद्यालयों से अच्छी शिक्षा एवं व्यवस्थाएं दें, लापरवाही करने पर निजी विद्यालयों की मान्यता तत्काल समाप्त करें - कलेक्टर संदीप जी आर

➡️ विद्यालयों की छवि व गुणवत्ता निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण

➡️ निजी विद्यालयों से अच्छी शिक्षा एवं व्यवस्थाएं दें
➡️ लापरवाह निजी विद्यालयों की मान्यता तत्काल समाप्त करें - कलेक्टर  संदीप जी आर

➡️ प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली मुख्य सचिव कांफ्रेंस के लिए फीडबैक कार्यशाला संपन्न

विद्यालयों की छवि व गुणवत्ता निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण, निजी विद्यालयों से अच्छी शिक्षा एवं व्यवस्थाएं दें, लापरवाह निजी विद्यालयों की मान्यता तत्काल समाप्त करें उक्त विचार कलेक्टर  संदीप जी आर ने स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस के लिए फीडबैक कार्यशाला का आयोजन स्थानीय स्वीडिश मिशन विद्यालय में दिए।  इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी  अरविंद जैन, जिला परियोजना समन्वयक  गिरीश श्रीवास्तव सहित जिले के प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, स्रोत समन्वयक और अन्य शिक्षक उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित फीडबैक कार्यशाला में कलेक्टर  संदीप जी.आर. ने कहा कि विद्यालय की छवि और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यालय में समय पर उपस्थित रहकर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारें। उन्होंने कहा कि आज सभी को संकल्प लेना होगा कि हम अपने विद्यालयों को निजी विद्यालयों से भी बेहतर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि आप सभी को आज संकल्प लेना होगा कि आप अपने विद्यालय एवं विद्यालय में देेने वाली शिक्षा को निजी विद्यालयों से अच्छी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिन शासकीय विद्यालयों का निर्माण कराया गया है, वे निजी विद्यालयों की तुलना में कहीं अधिक बेहतर हैं और उनमें सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि इसी प्रकार के और भी उत्कृष्ट विद्यालयों के निर्माण के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करें।

कलेक्टर  संदीप जी.आर. ने यह भी कहा कि विद्यालय में इस प्रकार की शिक्षा प्रदान करें जिससे कि उन विद्यालयों के विद्यार्थी डाक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर जैसे वरिष्ठ पदों तक पहुँच सकें। इसके लिए विद्यालयों में डॉक्टर-इंजीनियर सेल्फी पॉइंट बनाए जाएँ और विद्यार्थियों को इन पेशों की जानकारी दी जाए।

उन्होंने कहा कि सभी पूर्व मेधावी विद्यार्थियों की फोटो और जानकारी विद्यालय के सूचना पटल पर लगाई जाए, ताकि वर्तमान छात्र उनसे प्रेरणा ले सकें। विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु नवाचार किए जाएं, बच्चों को नवाचार के अभ्यास कराए जाएं, और समय-समय पर अभिभावकों की बैठक आयोजित कर विद्यार्थियों के संबंध में जानकारी साझा की जाए।

कलेक्टर ने कहा कि सभी शिक्षक विद्यार्थियों और अभिभावकों से सतत संवाद बनाए रखें, जिससे बच्चों की नियमित उपस्थिति बनी रहे। कार्यशाला में आधारभूत बुनियादी कौशल, परिणाम आधारित शिक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

कलेक्टर सेसंदीप जी.आर. ने कहा कि जो निजी विद्यालय शैक्षणिक कार्य में लापरवाही बरतें या विद्यार्थियों को अनुचित रूप से परेशान करें, उनकी मान्यता तत्काल समाप्त की जाए। उन्होंने सभी शिक्षकों से संवाद कर उनके सुझाव भी सुने और उनसे प्राप्त समस्याओं के निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी मौजूद शिक्षकों से सीधा संवाद किया और उनके विचार जाने विचार सुनने के बाद कलेक्टर ने सभी को निदनात्मक उपाय भी बताए।

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