मन के रहस्य को उजागर करना और व्यक्तित्व को प्रमाणित कर उसकी भविष्यवाणी करना निश्चित रूप से एक चुनौती पूर्ण कार्य है - प्रो.चंदा बेन


सागर/ मनोविज्ञान विभाग में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मन का रहस्य विषय पर आधारित 6 प्रकार के व्यक्तित्व परीक्षणों का आयोजन किया गया, इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय की कुलानुशासक और मुख्य अतिथि प्रो. चंदा बैन के कर कमलों द्वारा किया गया । उन्होंने कहा कि आजकल के जीवनशैली लोगों को मानसिक रूप से उन्नत बनाने के साथ साथ मानसिक विघटन की ओर ले जा रही है, इसलिए मनोवैज्ञानिकों द्वारा मानसिक स्वास्थ को संरक्षित रखने की आवश्यकता है। 

           मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो.उतसव आनंद ने कहा कि आज मनोविज्ञान विभाग में मन के रहस्यों और व्यक्तिव के परीक्षण के उद्देश्य को लेकर मनोविज्ञान विभाग के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के माध्यम से यह परीक्षण कार्यशाला आयोजित की गई है। उसमें रंग के चयन के आधार पर, फिंगरप्रिंट के आधार पर,हस्ताक्षर या लिखावट के आधार पर , भावों के आधार पर, और चेहरे की बनावट के आधार पर व्यक्तिव और व्यक्तिव के विभिन्न आयामों को गहराई से पता लगाया गया, इसमें विश्व विद्यालय के विभिन्न विभागों से विद्यार्थियों, डॉ. हरिसिंह गौर महाविद्यालय बड़ा बाजार सागर, आर्मी पब्लिक स्कूल सागर से लगभग 200 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इस पूरे कार्यक्रम में विभाग के समस्त शिक्षकगण डॉ. संचिता मीना, डॉ. शारदा विश्वकर्मा,डॉ. देवकी नंदन शर्मा शोधार्थी अर्चना चौधरी, अनुराग शुक्ला, अमित मकोरया, ज्योत्सना सिंह आदि उपस्थित रहे।
संचालन डॉ. देवकी नंदन शर्मा ने किया

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