बैतूल जिले के खेड़ी सांवलीगढ़ के बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र के तीन जनधन, तीन सामान्य और एक मृतक के खाते का उपयोग कर साइबर ठगी करने वाले साइबर रैकेट को बैतूल पुलिस ने पकड़ा है। यह खाते बैतूल के खेड़ी सावलीगढ़ के मजदूर और गरीब वर्ग के लोगों के हैं। इन खातों में 9 करोड़ 84 लाख 95हजार 212 का अवैध ट्रांजैक्शन किया और खाता धारक को उसकी भनक तक नहीं लगी। पूरा फ्रॉड बैंक में काम करने वाले साले और उसके ममेरे जीजा व उसके कर्मचारि ने मिलकर किया ।
बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र में आस्थायी कर्मचारि के रूप में काम करने वाले खेडी सांवलीगढ़ निवासी साले राजा उर्फ़ आयुष चौहान ने बैंक के ग्राहक के दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर उनके खातों में फर्जी मोबाइल नंबर लिंक करवाए ।साथ ही एटीएम कार्ड जारी कराए, नेट बैंकिंग कराई, पासबुक और चेक बुक बुलाकर इंदौर में रहने वाले अपने ममेरे जीजा अंकित राजपूत तक पहुंचाई । इनमें खेड़ी सांवलीगढ़ निवासी बिरसा इवने, नर्मदा इवने मुकेश उईके, नितेश उईके, राजेश बर्डे, अमोल और चंदन के खाते हैं। आरोपी जीजा साइबर फ्रॉड का मास्टरमाइंड है जो मुंबई, अहमदाबाद, हरियाणा, बेंगलुरु में बैठे लोगों को गेमिंग क्रिप्टो करेंसी फिशिंग फ्रॉड के माध्यम से निशाना बनाकर इन खातों में राशि डलवाता था । इन सात खातों में जून से नवंबर तक अवैध ट्रांजैक्शन किया । पुलिस ने खेडी सांवलीगढ़ निवासी राजा उर्फ़ आयुष चौहान, इंदौर निवासी अंकित राजपूत और नरेंद्र राजपूत को गिरफ्तार किया है ।

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