सागर/ दक्षिण वन मंडल की ढाना रेंज के पास हिलगन गांव में एक बाघ का शव मिला है, जिसकी उम्र लगभग तीन से चार साल बताई जा रही है। बाघ का शव मिलने के बाद क्षेत्र में और वन विभाग में सनसनी फैल गई । साल 2025 में मध्य प्रदेश में टाइगर की यह 55 भी मौत है। 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत के बाद से यह एक साल में किसी एक प्रदेश में होने वाली सर्वाधिक मौतें हैं। वहीं टाइगर रिजर्व के बाहर इस साल बाघ की यह 23वीं मौत बताई जा रही है। वन विभाग को पता नहीं है कि बाग कहां से आया और इतना ही नहीं मौत के करीब 48 घंटे बाद भी वन विभाग को जानकारी ग्रामीणों से पता लगी। बाघ की संदिग्ध मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि बाग की मौत के बाद वन विभाग जांच में जुट गया है।
दोपहर में जब गांव की महिलाएं लकड़ियाना बीनने के लिए खेतों के बीच पहाड़ी स्थित इलाकों की नर्सरी की तरफ गई थी। जहां बाघ का शव देखकर उनके होश उड़ गए, ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ढाना रेंज प्रतीक श्रीवास्तव अमले के साथ पहुंचे और भीड़ को हटाकर क्षेत्र को रस्सी बांधकर सुरक्षित किया। कुछ देर बाद एमडीओ वा डीएफओ दक्षिण वन अरुण यादव भी मौके पर पहुंचे। अंधेरा होने के कारण डॉग स्क्वायड सर्चिंग नहीं कर पा सकी, अब आज सोमवार को डॉग स्क्वायड सर्चिंग करेगा। इसके बाद लोकल और पन्ना टायर रिजर्व से आए डॉक्टर की पैनल शव का पोस्टमार्टम करेगी। वन विभाग ने बाघ के शव की सुरक्षा में वनकर्मी मौके पर तैनात कर दिए हैं।

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