भोपाल/ जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा की दिशा में सतत एवं सुनियोजित प्रयास कर रही मध्यप्रदेश सरकार को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वर्ष 1884 के बाद विलुप्त माने गए और 113 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद वर्ष 1997 में पुनः खोजे गए विश्व के अत्यंत दुर्लभ शिकारी पक्षी Forest Owlet का हाल ही में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में देखा जाना प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
यह मध्य भारत का एक स्थानिक (endemic) पक्षी है, जिसे 1872 में पहली बार खोजा गया था, लेकिन 1884 के बाद इसे विलुप्त मान लिया गया था। लगभग 113 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, 1997 में इसे महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में फिर से खोजा गया। फॉरेस्ट ऑउलेट को वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा 'लुप्तप्राय' (Endangered) श्रेणी में रखा गया है। इसकी कुल वैश्विक वयस्क संख्या 250 से 999 के बीच होने का अनुमान है।
Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh kuno wildlife sanctuary and "project cheetah"

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