डीजीपी कैलाश मकवाणा के नेतृत्व में मानवाधिकार उन्मुख पुलिसिंग को वैश्विक मंच पर मिली नई पहचान
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की जन-केंद्रित एवं मानवाधिकार आधारित पुलिसिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के नेतृत्व में प्रदेश पुलिस की संवेदनशील और नवाचारी कार्यप्रणाली को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर वैश्विक पहचान मिली है।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स समिट (World Human Rights Summit) में मध्यप्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करते हुए डीआईजी (कम्युनिटी पुलिसिंग) डॉ. विनीत कपूर ने 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रदेश में संचालित मानवाधिकार आधारित पुलिसिंग के विभिन्न मॉडल प्रस्तुत किए। उनके प्रस्तुतीकरण में मानवाधिकार उन्मुख पुलिस प्रशिक्षण, महिला हेल्प डेस्क, शक्ति समितियाँ तथा प्रोजेक्ट सृजन जैसी जन-केंद्रित पहलों को प्रमुखता से रखा गया, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने व्यापक सराहना दी।
विश्व मानवाधिकार शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने "Say No to Drugs" का संदेश देते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" की भी प्रशंसा की। प्रतिनिधियों ने अभियान को समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की प्रभावी पहल बताया।
मानवाधिकार शिक्षा एवं पुलिस प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. विनीत कपूर को "Human Rights Hero Award" से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील, जनोन्मुखी और मानवाधिकार आधारित पुलिसिंग की वैश्विक स्वीकृति का भी प्रतीक माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश पुलिस की यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह दर्शाती है कि आधुनिक, उत्तरदायी तथा नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग का मॉडल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है।
#DGPMP #MPPolice #NasheSeDooriHaiZaroori2_0 #SayNoToDrugs
#CM Madhya Pradesh
#MadhyaPradesh

0 Comments