सागर में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा 12 अगस्त से 17 अगस्त तक "आनंद उत्सव" का आयोजन किया जा रहा है। सागर चेप्टर द्वारा मैजेस्टिक प्लाजा तिलकगंज में आयोजित इस छह दिवसीय शिविर में प्रतिभागियों को जीवन में आनंद, शांति और ऊर्जा का अनुभमव कराने के उद्रेय से योग-ध्यान गतिविधियां संचालित की जाएंगी। शिविर का मुख्य आकर्षण विश्वप्रसिद्ध सुदर्शन क्रिया है । जिसकी खोज स्वयं गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने की है। उनका उदेश्य आम जन को जीवन जीने की कला सिखाना, उनके जीबन में खुशियों को महसूस कराना और तनाव मुक्त समाज की रचना करना है।
आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ शिक्षक कपिल मलैया ने बताया कि सुदर्शन क्रिया एक वैज्ञानिक और
आध्यात्मिक पद्धति है, जिससे अनिद्रा, तनाव. चिंता, क्रोध और अवसाद जैसे मानसिक विकारों
से मुक्ति मिलती है। यह क्रिया शरीर में डोपामाइन हार्मोन के स्तर को बढ़ाकर व्यक्ति में प्रसन्नता और ऊर्जा का संचार करती है। कोविड काल के दौरान भी यह देखा गया कि सुदर्शन क्रिया करने वाले साधकों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक थी । उन पर कोविड का प्रभाव कम हुआ था क्योंकि उनके फेफड़े तुलनात्मक रूप से अधिक मजबूत पाए गए । शिविर में सुबह और शाम दो सत्रों में कक्षाएं आयोजित की जाएंगी ।
आर्ट ऑफ लिविंग सागर चेप्टर के मीडिया प्रभारी आशीष ज्योतिषी ने बताया कि न्यूनतम
संकल्प राशि में इच्छुक व्यक्ति संस्था से आजीवन जुडकर सुदर्शन क्रिया का लाभ लेसकते हैं। इस आनंद उत्सव में भाग लेने के लिए इच्छुक साधकों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।

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