इस विषय की गंभीरता को देखते हुए देश के विभिन्न राज्यों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश शासन से अपेक्षा है कि वह भी संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक विधिक पहल करे।
हजारों अनुभवी शिक्षकों के भविष्य और हितों को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की दिशा में शीघ्र कार्यवाही की जाए, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके और शिक्षा व्यवस्था में स्थायित्व एवं गुणवत्ता बनी रहे। आज अध्यापक शिक्षक संघ मोर्चा के साथ हजारों की संख्या में शिक्षक कलेक्टर कार्यकाल के बाहर अपनी मांगों को लेक एकत्रित हुए और ज्ञापन सौंपा । जिसमें अध्यापकों की मांगे निम्नलिखित हैं -
( 1) शिक्षकों की TET परीक्षा के संबंध में मध्यप्रदेश के अध्यापकों का निवेदन है कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश तुरंत ही निरस्त करने एवं अध्यापकों के पक्ष में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की कृपा करें।
(२) अध्यापक शिक्षक संवर्ग की पेंशन,ग्रेजूएटी, और अवकाशों के नगदीकरण में भी उनकी प्रथम नियक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करने की कृपा करेंगे ।

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