सागर/ 22.08.2026 जिला न्यायालय सागर में दुषकर्म के मामले में सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम कुमार डार्वी की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने बताया कि राहतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भानगढ़ निवासी पीड़िता की गांव में किराने की दुकान है। आरोपी अनिल रजक अक्सर उसकी दुकान पर राजश्री गुटका और अन्य सामान खरीदने के बहाने आता था।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने किसी तरह पीड़िता का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया और उसे फोन कर बातचीत करने का प्रयास करने लगा। पीड़िता के मना करने के बावजूद आरोपी लगातार फोन करता रहा। बाद में दोनों के बीच बातचीत होने लगी।
आरोप है कि एक दिन अनिल राजश्री खरीदने के बहाने पीड़िता की दुकान पर पहुंचा और उसे पीछे के कमरे में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता की निजी तस्वीरें भी प्राप्त कर लीं।
पीड़िता के अनुसार, बाद में आरोपी उन तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। आरोपी उसे धमकी देता था कि यदि उसने उसकी बात नहीं मानी तो वह तस्वीरें उसके परिचितों और समाज के लोगों को भेजकर उसे बदनाम कर देगा।
घटना के बाद पीड़िता अपने पति और बच्चों के साथ भोपाल चली गई। इसके बाद भी आरोपी फोन कर उसे धमकाता और परेशान करता रहा। परेशान होकर पीड़िता के पति ने थाना अयोध्यानगर भोपाल में शिकायत की।
पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 376(2)(n), 509 और 506 के तहत जीरो पर मामला दर्ज किया। बाद में प्रकरण राहतगढ़ थाना पुलिस को भेजा गया, जहां आगे की विवेचना की गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 14 गवाहों के बयान और 19 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। इनमें पीड़िता, उसके परिजन, चिकित्सक और पुलिस अधिकारियों के बयान शामिल रहे।
न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी अनिल रजक को दोषी पाया। अदालत ने उसे धारा 376 एवं 376(2)(n) के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। सजा के बाद आरोपी को केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया।

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