सागर / ढाना पर्यावरण संरक्षण और सनातन परंपराओं के संवर्धन के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के अपर लोक अभियोजक एवं समाजसेवी दीपक पौराणिक द्वारा आयोजित गणेश प्रतिमा वितरण एवं संगोष्ठी कार्यक्रम का 14वां वर्ष सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में गौ माता के गोबर, पंचगव्य, शुद्ध मिट्टी और पवित्र नदियों के जल से निर्मित 250 से अधिक गणेश प्रतिमाओं का निःशुल्क वितरण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वस्तिवाचन, दीप प्रज्वलन, कन्या पूजन और भगवान गणेश की आराधना के साथ हुआ। इसके बाद छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। स्वागत भाषण के उपरांत पधारे हुए अतिथियों का स्वागत पौधे भेंट कर किया गया।
'हमारे गणेश' विषय पर विद्वानों के विचार
कार्यक्रम के दौरान आयोजित 'हमारे गणेश' विषयक संगोष्ठी में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए:
- कृष्ण केशव पौराणिक (सेवानिवृत्त शिक्षक): उन्होंने भगवान गणेश की माता-पिता और परिवार के प्रति अनन्य भक्ति का उल्लेख करते हुए बताया कि शास्त्रों में माता-पिता और गुरु की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
- कौशल किशोर पाठक (ज्योतिषाचार्य): उन्होंने सनातन धर्म में भगवान गणेश के प्रथम पूज्य स्थान और वैदिक पूजन पद्धति के महत्व पर प्रकाश डाला।
- सुरेंद्र तिवारी (सरपंच): उन्होंने आने वाले समय में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक बृहद स्तर पर आयोजित करने तथा गांव-गांव में गणेश स्थापना का आह्वान किया।
- घनश्याम सिंह ठाकुर (पूर्व सरपंच): उन्होंने मिट्टी और गोबर से गणेश प्रतिमाएं बनाकर पूजन करने की प्राचीन ग्रामीण परंपराओं की उपयोगिता बताई।
- गणेश दुबे (अध्यक्ष, जनभागीदारी समिति): उन्होंने प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों का त्याग कर मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करने पर जोर दिया।
- राजकुमार चौबे (संचालक, सरस्वती स्कूल): उन्होंने विद्यार्थियों को भगवान गणेश के जीवन से प्रेरणा लेकर अध्ययन में एकाग्रता, स्थिरता और धैर्य अपनाने की सीख दी।घर पर ही विसर्जन और पौधारोपण का संकल्प
आयोजक दीपक पौराणिक ने गोबर और मिट्टी से बनी प्रतिमाओं के धार्मिक व पर्यावरणीय महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक घर में मिट्टी के गणेश जी की ही स्थापना होनी चाहिए। उन्होंने PoP से बनी मूर्तियों का उपयोग न करने की अपील की और कहा कि छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन घर पर ही गमलों या जलपात्र में किया जाए, जिससे नदियां और जलस्रोत दूषित न हों।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों और बच्चों ने मिलकर आंवला के पौधों का रोपण किया। आयोजन में बच्चों और विद्यार्थियों ने विशेष उत्साह दिखाया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कृष्ण केशव पौराणिक, कौशल किशोर पाठक, सुरेंद्र तिवारी, घनश्याम ठाकुर, राजकुमार चौबे, अधिवक्ता निधीश तिवारी, आशीष पाठक, भूपेंद्र ठाकुर, गणेश दुबे, राजकुमार चौरसिया, हरि कृष्ण तिवारी और राजुल चौबे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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